छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी दबिश: कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के घर छापा, शराब-कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े तार

धमतरी, 20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। धमतरी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के निवास पर ED की टीम ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई चर्चित शराब घोटाला, कोयला घोटाला और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह दो अलग-अलग वाहनों से ED की टीम रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। टीम में सुरक्षा बलों सहित करीब 8 सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। ED की टीम सुबह से ही घर के भीतर मौजूद है और दस्तावेजों, रिकॉर्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी की जांच कर रही है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
11 अगस्त को गिरफ्तार हुए थे रामगोपाल अग्रवाल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 11 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। उस समय वे रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें ED रिमांड पर भेज दिया था।
ED का दावा- शराब कारोबार में बना था बड़ा सिंडिकेट
जांच के दौरान ED ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और ITS अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े कथित सिंडिकेट ने राज्य के शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित कीं।
एजेंसी के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क के जरिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय जुटाई गई। ED का आरोप है कि यह रकम शराब बिक्री पर कथित अवैध कमीशन, बिना हिसाब वाली देशी शराब की बिक्री, डिस्टिलरों से वार्षिक कमीशन, विदेशी शराब कंपनियों से कमीशन और FL-10A लाइसेंस देने के एवज में कथित वसूली के जरिए जुटाई गई।
रामगोपाल अग्रवाल तक नकदी पहुंचाने का ED का आरोप
ED ने जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए दावा किया है कि अपराध से अर्जित नकदी का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया था।
एजेंसी के अनुसार, उस समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रहे अग्रवाल तक कथित तौर पर सिंडिकेट के हैंडलरों के माध्यम से नकदी पहुंचाई गई। ED ने PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का भी हवाला दिया है, जिनमें कथित तौर पर रकम के संचालन और स्थानांतरण से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही गई है। फिलहाल धमतरी में चल रही ED की कार्रवाई को लेकर जांच जारी है और एजेंसी के आधिकारिक बयान का इंतजार है।
